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श्रीमद् भागवत कथा में पहले दिन भक्ति प्रसंग सुन भावविह्वल हुए श्रोता

सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ..श्रीमद् भागवत भगवान श्री कृष्ण का ही दिव्य शरीर है..पंडित प्रवीण शर्मा राधे भैया

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। ग्राम वायल में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिवस 20 मार्च शुक्रवार को व्यास पीठ से पंडित प्रवीण शर्मा राधे भैया ने प्रभु की भक्ति और मानव उद्धार प्रसंग का उल्लेख करते हुए मनुष्यों को प्रभु भक्ति का मार्ग और उनके उद्धार पर विस्तार से प्रकाश डाला। भक्ति प्रसंग सुन श्रोता गण भावविह्वल हुए।

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बताया जाता है कि श्रीमद्भागवत कथा का पहला दिन महात्म्य और भक्ति की स्थापना को समर्पित होता है। इस अवसर पर व्यास पीठ से श्रीमद् भागवत के प्रथम श्लोक ‘सच्चिदानन्दरूपाय…’ के साथ कथा की भव्य शुरुआत की गई। भागवत कथा सुनने के लाभ (भक्ति, ज्ञान, वैराग्य) बताए गए और भागवत के दैवीय स्वरूप का वर्णन किया गया, जो कि श्रोताओं को मोक्ष और सांसारिक दुखों से मुक्ति का मार्ग दिखाता है।

श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन मुख्य कथावाचक पंडित प्रवीण शर्मा राधे भैया का आयोजक समिति द्वारा भव्य स्वागत सत्कार कर व्यासपीठ का विधिवत पूजन किया गया।

पंडित प्रवीण शर्मा राधे भैया ने व्यासपीठ से भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कथा राजा परीक्षित की तरह ही सभी के भय का नाश कर सकती है। इस अवसर पर ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का महत्व समझाया गया, जो जीवन को पवित्र बनाने और ईश्वर की ओर ले जाने का मार्ग है। कृष्ण महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत भगवान श्री कृष्ण का ही दिव्य शरीर है और इसे सुनने मात्र से ही कष्टों से मुक्ति मिलती है। प्रथम श्लोक के माध्यम से सृष्टि, और ईश्वर के गूढ़ रहस्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया जाता है कि पहले दिन की कथा का मुख्य उद्देश्य मन को भक्ति के लिए तैयार करना और कथा के प्रति श्रद्धा जगाना होता है। संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन श्रोताओं ने भक्तिभाव से भजन किए तथा जमकर झूमे।

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